18 साल की उम्र में शहीद… वो युवा क्रांतिकारी जिनके शरीर की राख पाने के लिए होड़ मच गई
आज की जेन-जी पीढ़ी के आक्रोश और प्राथमिकताओं की तुलना उन नौजवानों से करना, जिन्होंने पराधीन भारत में विदेशी शासन की बेड़ियां तोड़ने के लिए हंसते-हंसते फांसी का फंदा चूम लिया, न्यायसंगत नहीं होगा. वे क्रांतिकारी विदेशी सत्ता से आजादी के लिए लड़ रहे थे. लेकिन उनके प्रेरक जीवन का एक दूसरा पहलू भी था. … Read more