आधी सदी की नौकरी और एक कागजी PIP, क्या ऐसे खत्म होती है वफादारी?
आधी सदी तक एक ही दफ्तर में खिदमत करने वाला शख्स और फिर एक दिन खामोशी से विदाई. न फेयरवेल, न सेपरेशन पैकेज. बस एक PIP और उसके बाद दरवाजा बंद. आखिर हुआ क्या? Share on FacebookPost on XFollow usSave