बाबा बुल्ले शाह के गीतों से जसबीर जस्सी ने बनाया ‘साहित्य आजतक’ की शाम को यादगार
साहित्य आजतक 2025 के दूसरे दिन का समापन सिंगर जसबीर जस्सी की सुरीली आवाज से हुईं. उन्होंने पंजाबी फोल्क और सूफी म्यूजिक से दूसरे दिन की शाम को यादगार बनाया. उनकी शानदार परफॉरमेंस को सुनकर ऑडियंस काफी खुश हुए. Share on FacebookPost on XFollow usSave