अर्चना पूरन सिंह और परमीत सेठी के बेटे आर्यमन सेठी ने अपने व्लॉग में फुटबॉल करियर टूटने की दर्दभरी कहानी बताई. डिप्रेशन, बुलिंग और पैर में दो गंभीर फ्रैक्चर की वजह से उनका प्रोफेशनल फुटबॉलर बनने का सपना अधूरा रह गया, जबकि वो कभी महाराष्ट्र अंडर-13 के तेज खिलाड़ियों में शामिल थे और पाकिस्तान के खिलाफ चार गोल भी कर चुके थे.