मोदी सरकार की PLI 1.2 योजना के तीसरे चरण के तहत विशेष इस्पात क्षेत्र में 55 कंपनियों की 85 परियोजनाओं पर MoU साइन किए गए हैं. 11,887 करोड़ रुपये के निवेश से 2031 तक 8.7 मिलियन टन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है, जिससे भारत की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की राह मजबूत होगी.
