Puja Bhog Rules: क्या पूजा में बीज वाले फलों का भोग भगवान को लगाना शुभ है? जानें क्या कहते हैं शास्त्र

Fruit Bhog in Puja: पूजा-पाठ में भोग लगाना बहुत जरूरी माना जाता है. कहते हैं कि पूजा-पाठ के दौरान भोग लगाने से भगवन प्रसन्न होते हैं. भोग लगाना भगवान के प्रति श्रद्धा और आस्था को दर्शाता है. बिना भोग अर्पित किए भगवान की पूजा पूरी नहीं मानी जाती. भगवान को पूजा में फलों, मिठाइयों, खीर आदि चीजों का भोग लगाया जाता है, लेकिन अक्सर भक्त फलों का भोग लगाते समय उलझन में रहते हैं कि भगवान को कौन से फलों का भोग लगाना शुभ रहता है. साथ ही उन्हें इसे कैसे खिलाया जाए?

आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि भगवान को बीज वाले फलों का भोग लगाना चाहिए या नहीं. साथ ही जानेंगे कि बीज वाले फल भोग के लिए शुभ होते हैं या अशुभ. आइए भोग के सभी नियमों के बारे में विस्तार से जानते हैं.

बीज के साथ फलों का भोग न लगाएं

सनातन धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि पूजा में फलों का भोग सात्विक और उत्तम होता है. भगवान को ऋतु फल का भोग लगाना चाहिए. ऐसा करना सबसे उत्तम होता है. पूजा में बीज वाले फलों का भी उपयोग किया जा सकता है, लेकिन इसको भगवान को वैसे ही खिलाना चाहिए, जैसे आप इन फलों का सेवन करते हैं. बीज के साथ कभी भी भगवान को फलों का भोग नहीं लगाना चाहिए.

अगर फल के बीज बड़े हैं जैसे आम, तरबूज आदि तो इसे निकाल दें. इसके बाद भगवान को भोग लगाएं. भगगवान को बीज वाले फलों का भोग लगाना गलत नहीं है. सिर्फ इस बात का ध्यान रखना चाहिए किभगवान भी बच्चे की तरह हैं. ऐसे में जैसे आप बच्चों को हर चीज देखकर खिलाते हैं, वैसे ही भगवान को भी भोग लगाएं. नियमों के अनुसार, भगवान की सेवा करें.

इन बातों का रखें खास ध्यान

भोग लगाने से पहले फल को शुद्ध जल से अच्छी तरह धो लें. फिर उन फलों को भोग के लिए काटें. पहले से काटे गए फलों को भोग में शामिल न करें. भोग के प्रसाद में तुलसी को जरूर रखें. भगवान को भोग लगाते समय पूरी श्रद्धा रखें. भोग लगाते समय मन में अहंकार न रखें और भगवान का ध्यान करें.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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