Ramayana: ‘रामायण’ के ट्रेलर रिलीज होने के बाद फिल्म के भव्य विजुअल्स और स्टारकास्ट की जमकर चर्चा हुई है. हालांकि, इसके साथ ही कुछ कॉस्ट्यूम्स को लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी छिड़ गई. खासकर सीता के किरदार में साई पल्लवी और कैकेयी के रोल में लारा दत्ता के लुक पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए हैं. कुछ लोगों का कहना था कि इन किरदारों का पहनावा रामायण की पारंपरिक छवि से मेल नहीं खाता है. अब इस पूरे विवाद पर फिल्म के कॉस्ट्यूम डिजाइनर्स रिंपल और हरप्रीत नरूला ने अपनी चुप्पी तोड़ी है और बताया है कि हर रंग, हर डिजाइन और हर कॉस्ट्यूम के पीछे एक खास सोच और भावनात्मक दृष्टिकोण छिपा है.
साई पल्लवी के सीता अवतार में पहने गए ब्लाउज को लेकर जहां कुछ दर्शकों ने सवाल उठाए, वहीं कैकेयी के किरदार में लारा दत्ता का लुक चर्चा में रहा. ट्रेलर के एक सीन में लारा दत्ता मैरून साड़ी, हरे रंग के ब्लाउज और खुले बालों में नजर आईं. इसके बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने उनके इस लुक को ‘रामायण’ के हिसाब से काफी मॉडर्न बताते हुए इसकी आलोचना की थी. अब डिजाइनर ने इन लुक को लेकर अपनी बात रखी है.
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कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने तोड़ी चुप्पी
रिंपल नरूला ने हिंदुसतान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि रामायण जैसी महाकाव्य पर आधारित फिल्म को लेकर लोगों की अलग-अलग राय सामने आएगी. उन्होंने कहा कि सदियों से लोगों के मन में रामायण के पात्रों की एक खास छवि बनी हुई है, इसलिए कास्टिंग, कॉस्ट्यूम और विजुअल इफेक्ट्स पर सवाल उठना स्वाभाविक है.
साई पल्लवी के लुक पर क्या बोलीं हरप्रीत
साई पल्लवी के सीता लुक को लेकर हुई आलोचना पर रिंपल ने कहा कि उनका मकसद ऐतिहासिक तथ्यों को हूबहू दोहराना नहीं था. उन्होंने बताया कि जब वह मां सीता के बारे में सोचती हैं तो उनके मन में वही छवि आती है जो वर्षों से उनकी आस्था और चेतना का हिस्सा रही है. इसलिए उन्होंने उसी भाव के आधार पर सीता का लुक तैयार किया.
लारा दत्ता का लुक कैसे किया तैयार?
हरप्रीत नरूला ने लारा दत्ता के कैकेयी लुक पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि उनके कॉस्ट्यूम का हर रंग सोच-समझकर चुना गया है. उन्होंने बताया कि हरा रंग मातृत्व का प्रतीक है, जबकि गहरा मैरून रंग कैकेयी के मन की उलझन और उनके कठिन फैसले को दर्शाता है. उनके मुताबिक, कैकेयी एक ऐसी मां हैं जो अपने बेटे और राम के बीच फंसी हुई हैं और उसी भावना को उनके लुक में दिखाने की कोशिश की गई है.
डिजाइनर्स ने यह भी कहा कि लोग बिना पूरी फिल्म देखे केवल ट्रेलर के आधार पर राय बना रहे हैं. उनका मानना है कि रामायण जैसी प्राचीन कथा को नई पीढ़ी के सामने प्रभावशाली तरीके से पेश करने के लिए कुछ रचनात्मक फैसले लेने जरूरी थे. उन्होंने दर्शकों से अपील की कि पहले पूरी फिल्म देखें, उसके बाद ही इसके कॉस्ट्यूम और विजुअल्स पर अपनी राय बनाएं.
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