
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को कहा कि संघ एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण और देश के प्रत्येक नागरिक को इसमें शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. मोहन भागवत संघ के शताब्दी वर्ष कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए पंजाब के दो दिवसीय दौरे पर थे. उन्होंने यहां कहा कि आरएसएस एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण और देश के प्रत्येक नागरिक को, चाहे उनकी जाति, धर्म, भाषा या संप्रदाय कुछ भी हो, शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है.
मोहन भागवत ने इस बात पर जोर दिया कि आरएसएस सभी को समान मानता है और सभी के साथ समान व्यवहार करता है. किसी का नाम लिए बिना, संघ प्रमुख ने आलोचकों से अपील की कि वे आरएसएस को भीतर से देखें और फिर टिप्पणी करें.
हर तरह की आलोचना का स्वागत करेगा RSS
उन्होंने कहा कि आरएसएस हर तरह की आलोचना का स्वागत करेगा, लेकिन आलोचना संगठन को जानने और समझने के बाद ही की जानी चाहिए. मोहन भागवत ने कहा कि अज्ञानता पर आधारित आलोचना किसी के लिए भी उपयोगी नहीं है. बुधवार को मोहन भागवत पठानकोट में थे, जहां उन्होंने पूर्व सैनिकों की एक सभा की और आरएसएस स्वयंसेवकों की एक ‘युवा गोष्ठी’ को संबोधित किया.
आज से हरियाणा के दौरे पर मोहन भागवत
मोहन भागवत 27 (आज) और 28 फरवरी को हरियाणा का दौरा करेंगे. इस यात्रा के दौरान, वह अंबाला में स्वयंसेवकों के साथ एक कार्यक्रम में भाग लेंगे. इसके बाद वह कुरुक्षेत्र में शिक्षाविदों और भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के सेवानिवृत्त अधिकारियों के साथ बातचीत करेंगे.
श्रीमद् भगवत गीता सभागार में एक संगोष्ठी आयोजित
आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश कुमार ने कहा कि संघ की शताब्दी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि आज अंबाला शहर और अंबाला छावनी के पुलिस लाइन मैदान में एक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. इसमें 15 से 40 वर्ष की आयु के लगभग 1,000 स्वयंसेवक भाग लेंगे. वहीं, 28 फरवरी को कुरुक्षेत्र के श्रीमद् भगवत गीता सभागार में एक संगोष्ठी आयोजित की जाएगी. इसमें हरियाणा के शिक्षाविद और सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी भाग लेंगे.