
Saturn Transit in Revati Nakshatra 2026: हिंदू धर्म शास्त्रों में शनिदेव को कर्मफलदाता और न्याय का देवता माना गया है. अक्सर लोग शनिदेव का नाम सुनते ही डर जाते हैं. लेकिन शनिदेव सभी व्यक्ति उनके कर्मों के अनुसार ही फल देते हैं, फिर चाहे वो कर्म अच्छा हो या बुरा. ज्योतिष शास्त्र में शनि सबसे धीमी गति से चलने वाले ग्रहों में माने जाते हैं, इसलिए उनकी चाल, राशि या नक्षत्र में होने वाला बदलाव ज्योतिष की नजर से काफी अहम माना जाता है. शनि जब एक नक्षत्र से दूसरे नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसे शनि का नक्षत्र परिवर्तन कहा जाता है. ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक, इसका असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरह से देखने को मिल सकता है.
20 अगस्त को शनिदेव ने अपना नक्षत्र बदला है यानी शनिदेव का नक्षत्र परिवर्तन हुआ है. ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का खास असर उन राशियों पर माना जा रहा है, जिन पर इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है. यही वजह है कि इस परिवर्तन को साढ़ेसाती से गुजर रहे जातकों के लिए खास माना जा रहा है. लेकिन 3 राशि वालों के लिए ये नक्षत्र परिवर्तन सबसे भाग्यशाली साबित होने जा रहा है.
शनि का नक्षत्र परिवर्तन 2026
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 20 अगस्त 2026 को न्याय देवता शनिदेव ने रेवती नक्षत्र के प्रथम चरण में प्रवेश कर लिया है. शनि का ये नक्षत्र परिवर्तन सभी 12 राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और जीवन पर गहरा असर डालता है. लेकिन इस बार मेष, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए शनि का नक्षत्र परिवर्तन ढेर सारी खुशियां लेकर आया है.
क्या होती है शनि की साढ़ेसाती?
शनि की साढ़ेसाती तब मानी जाती है जब शनि किसी व्यक्ति की जन्म राशि यानी चंद्र राशि से एक राशि पहले, उसी राशि में और उसके बाद वाली राशि में गोचर करते हैं. इन तीन चरणों में शनि लगभग ढाई-ढाई साल रहते हैं, जिससे पूरी अवधि करीब साढ़े सात साल की होती है. ज्योतिष में इसे साढ़ेसाती कहा जाता है. फिलहाल मेष, कुंभ और मीन राशि के जातक शनि की साढ़ेसाती के अलग-अलग चरणों से गुजर रहे हैं. 20 अगस्त के नक्षत्र परिवर्तन के बाद इन तीनों राशियों के लोगों को कुछ मामलों में राहत मिल सकती है.
मेष राशि
मेष राशि वालों के लिए शनि की साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है. नक्षत्र परिवर्तन के बाद जीवन में कुछ स्थिरता आने की उम्मीद है. अचानक आने वाली रुकावटों में कमी आ सकती है और लंबे समय से परेशान कर रही समस्याओं से राहत मिलने के योग बन सकते हैं. कामकाज में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं. व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी योजनाओं में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं.
कुंभ राशि
कुंभ राशि वालों के लिए यह बदलाव खास माना जा रहा है, क्योंकि इन पर साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है. नक्षत्र परिवर्तन के बाद लंबे समय से चले आ रहे मानसिक तनाव और संघर्ष में कमी आने की उम्मीद है. कार्यक्षेत्र में अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं. वहीं रुका हुआ धन वापस मिलने से आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है.
मीन राशि
मीन राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा यानी मध्य चरण चल रहा है. नक्षत्र परिवर्तन के बाद मानसिक दबाव, भ्रम और किसी अनजाने डर से राहत मिलने की संभावना जताई गई है. मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है और कामकाज में वरिष्ठ अधिकारियों और परिवार के लोगों का सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं.
शनि को प्रसन्न करने के लिए उपाय
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शनि की कृपा पाने के लिए शनिवार को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना शुभ माना जाता है. इसके साथ ‘ॐ शं शनैश्चराय नमः’ मंत्र का जाप किया जा सकता है. जरूरतमंद लोगों को काले तिल, उड़द की दाल या काले कपड़े का दान करना भी शनि से जुड़े उपायों में बताया गया है.