Surya Dev Puja: सूर्य अर्घ्य का सही तरीका क्या? रविवार को क्यों बढ़ जाता है महत्व

Surya Arghya Benefits:मान्यता के अनुसार, हिंदू धर्म में सूर्य देव की साधना और उपासना से व्यक्ति को आरोग्य, तेज, यश और आत्मविश्वास की प्राप्ति होती है. वैसे तो रोजाना सुबह सूर्य देव को जल अर्पित करने का विधान है, लेकिन जब बात रविवार की हो या पवित्र सावन माह की, तो सूर्य पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है. यदि आप भी रविवार को सूर्य देव को अर्घ्य देते हैं, तो सही विधि और नियमों का ज्ञान होना बेहद जरूरी है ताकि आपकी पूजा का पूरा फल मिल सके. आइए जानते हैं अर्घ्य देने की सही विधि और रविवार के दिन इसके विशेष महत्व के बारे में.

रविवार को सूर्य देव की पूजा क्यों मानी जाती है खास?

हिंदू धर्म में सूर्य देव को प्रत्यक्ष देवता कहा गया है, क्योंकि उन्हें रोजाना अपनी आंखों से देखा जा सकता है. सूर्य को ऊर्जा, प्रकाश और जीवन का आधार माना जाता है. ज्योतिष में भी सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और पिता का कारक माना गया है. रविवार का दिन सूर्य देव को समर्पित माना जाता है. इसलिए इस दिन सुबह सूर्य को अर्घ्य देने और उनकी उपासना करने की परंपरा है. मान्यता है कि नियमित रूप से सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास बढ़ता है और मन में सकारात्मकता बनी रहती है.

सूर्य देव को अर्घ्य देने का सही समय

सूर्य देव को अर्घ्य देने के लिए सूर्योदय का समय सबसे शुभ माना जाता है. सुबह स्नान करने के बाद स्वच्छ कपड़े पहनकर सूर्य देव को जल अर्पित करना चाहिए. कोशिश करें कि सूर्योदय के कुछ समय के भीतर ही अर्घ्य दे दिया जाए. सूर्य को जल चढ़ाते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके खड़े होना चाहिए. अर्घ्य के लिए तांबे के पात्र का इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है. पात्र में साफ जल भरकर दोनों हाथों से धीरे-धीरे सूर्य देव को जल अर्पित करें.

सूर्य देव को अर्घ्य देने की विधि

सबसे पहले सुबह उठकर स्नान करें. इसके बाद स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा के स्थान पर भगवान का स्मरण करें. अब एक तांबे के लोटे में साफ जल भरें. इसमें अपनी श्रद्धा के अनुसार लाल फूल या अक्षत डाल सकते हैं. इसके बाद खुले स्थान पर जाकर पूर्व दिशा की ओर मुंह करके खड़े हों. दोनों हाथों से लोटा पकड़कर धीरे-धीरे सूर्य देव को जल चढ़ाएं. जल की धार के बीच से सूर्य देव के दर्शन करने की भी परंपरा है. अर्घ्य देते समय सूर्य देव का ध्यान करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें. इसके बाद सूर्य देव को प्रणाम करें. श्रद्धा के अनुसार सूर्य मंत्र का जाप भी किया जा सकता है.

कौन सा मंत्र पढ़ें?

सूर्य देव को अर्घ्य देते समय सरल मंत्र का जाप किया जा सकता है. आप श्रद्धा से ॐ सूर्याय नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं. इसके अलावा आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना भी सूर्य उपासना में विशेष माना जाता है.

रविवार को सूर्य को क्या अर्पित करें?

रविवार को सूर्य देव की पूजा में लाल रंग के फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है. अर्घ्य के जल में लाल फूल या अक्षत डालकर सूर्य देव को अर्पित किया जा सकता है. कुछ लोग सूर्य देव को गुड़ का भोग भी लगाते हैं. पूजा के बाद गुड़ का दान करना भी शुभ माना जाता है.

सूर्य अर्घ्य के पीछे क्या है मान्यता?

धार्मिक मान्यताओं में सूर्य देव को जीवन और ऊर्जा का स्रोत माना गया है.मान्यता है कि नियमित सूर्य उपासना से आत्मविश्वास, मान-सम्मान और सकारात्मक सोच बढ़ती है. वहीं ज्योतिषीय मान्यताओं में सूर्य को मजबूत करने के लिए रविवार को सूर्य को अर्घ्य देने, मंत्र जाप करने और जरूरतमंदों को दान करने की सलाह दी जाती है.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. टीवी9 भारतवर्ष इसकी पुष्टि नहीं करता है.

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