UGC-NET जून 2026 पेपर में क्या गलतियां पाई गईं, जिसके बाद दोबारा एग्जाम का हुआ फैसला

UGC-NET जून 2026 पेपर में क्या गलतियां पाई गईं, जिसके बाद दोबारा एग्जाम का हुआ फैसला

UGC-NET जून 2026 की परीक्षा में अंग्रेजी, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के प्रश्नपत्रों को लेकर कई गंभीर सवाल उठे थे. अभ्यर्थियों ने पेपर में पुराने सवालों की समानता, सिलेबस से बाहर के प्रश्न, गलत अनुवाद, वर्तनी और व्याकरण की गलतियों की शिकायत की थी. समाजशास्त्र के पेपर में कई प्रमुख विद्वानों के नाम तक गलत लिखे जाने का आरोप लगा. वहीं, कुछ सवालों की भाषा और शब्दावली भी उम्मीदवारों के लिए परेशानी का कारण बनी. इन शिकायतों और प्रश्नपत्रों में सामने आई खामियों के बाद NTA ने इन तीनों विषयों की परीक्षा दोबारा कराने का फैसला किया है.

अंग्रेजी के पेपर में पुराने सवालों पर सवाल

अंग्रेजी विषय की परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों ने दावा किया था कि 150 सवालों में से 67 प्रश्न 2024 में हुए प्रश्नपत्र से मिलते-जुलते हैं. छात्रों ने इसे पेपर की गुणवत्ता और निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया. इसके अलावा प्रश्नपत्र में टाइपिंग और भाषा संबंधी गलतियों की भी शिकायतें सामने आईं.

सोशियोलॉजी में सिलेबस से बाहर के सवालों का आरोप

सोशियोलॉजी के पेपर को लेकर अभ्यर्थियों और शिक्षकों की शिकायतें ज्यादा गंभीर थीं. उनका आरोप था कि प्रश्नपत्र में ऐसे सवाल पूछे गए जो निर्धारित सिलेबस का हिस्सा नहीं थे. कुछ अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि पेपर में एआई से तैयार किए गए सवालों जैसी सामग्री दिखाई दी. इसके अलावा कुछ प्रश्न ऐसे विचारकों और किताबों पर आधारित बताए गए, जिनका संबंध निर्धारित सिलेबस से नहीं था.

प्रश्नपत्र में वर्तनी और व्याकरण की कई गलतियां होने की भी शिकायत की गई. कई प्रमुख समाजशास्त्रियों के नाम गलत लिखे जाने का आरोप लगा. उदाहरण के लिए Ritzer को Putzer, Parsons को Parsow, Ghurye को Ghunye, A R Desai को A K Desai और Nussbaum को Nusbaut लिखा गया.

हिंदी अनुवाद और भाषा ने भी बढ़ाई परेशानी

उम्मीदवारों ने प्रश्नों के हिंदी अनुवाद को लेकर भी आपत्ति जताई. उनका कहना था कि कई सवालों का अनुवाद इतना अस्पष्ट था कि उसका सही अर्थ समझना मुश्किल हो गया. इससे उम्मीदवारों को प्रश्न समझने और सही विकल्प चुनने में परेशानी हुई. NTA के अनुसार, तीनों विषयों के प्रश्नपत्रों में तथ्यात्मक, टाइपिंग, अनुवाद और व्याकरण संबंधी खामियों के अलावा दोहराए गए सवाल, गलत नाम और गैर-मानक शब्दों के इस्तेमाल जैसी समस्याएं भी मिलीं.

सितंबर में दोबारा होगी परीक्षा

इन खामियों के बाद NTA ने अंग्रेजी, कॉमर्स और समाजशास्त्र की परीक्षा फिर से कराने का फैसला किया है. अंग्रेजी की परीक्षा 9 सितंबर को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक होगी. कॉमर्स का पेपर इसी दिन दोपहर 3 से शाम 6 बजे तक होगा. समाजशास्त्र की परीक्षा 10 सितंबर को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की जाएगी. उम्मीदवारों से री-टेस्ट के लिए कोई अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी.

NTA ने यह भी कहा है कि बाकी 84 विषयों के परिणाम तय प्रक्रिया के अनुसार जारी होंगे. इन विषयों के JRF, असिस्टेंट प्रोफेसर और PhD एडमिशन से जुड़ी प्रक्रिया पर इन तीन विषयों की दोबारा परीक्षा का असर नहीं पड़ेगा.

error

Enjoy this blog? Please spread the word :)

RSS
Follow by Email
Pinterest
LinkedIn
Share
Telegram
WhatsApp
Reddit