US-Israel Iran War: ‘ईरान पर भरोसा नहीं, सख्ती और बातचीत साथ-साथ’, डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत और युद्धविराम की कोशिशों पर तीखे और स्पष्ट बयान दिए हैं. व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए ट्रंप ने साफ कहा कि वह ईरान पर जरा भी भरोसा नहीं करते, लेकिन इसके बावजूद बातचीत जारी है. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान पर हमले को बातचीत के चलते टाला गया है, समझौते की संभावना बनने के बाद ये फैसला लिया गया.

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से पूछा गया कि क्या वे ईरान पर भरोसा करते हैं, तो उन्होंने दो टूक जवाब दिया, मैं किसी पर भरोसा नहीं करता हूं. आप भरोसे की बात क्यों कर रहे हैं? क्या आपको लगता है कि मैं उन पर भरोसा करता हूं? मैं उन पर भरोसा नहीं करता. उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष इस समय बातचीत कर रहे हैं और समझौते की संभावना बनी हुई है. उन्होंने संकेत दिया कि अगर बातचीत सफल रहती है तो हालात और बिगड़ने से बच सकते हैं. अगर बातचीत सकारात्मक नहीं रही तो वो पीछे नहीं हटेंगे.

ईरान में किससे चल रही है बात

ईरान के साथ बातचीत किससे हो रही है, इस सवाल पर डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कई नेताओं को खत्म कर दिया है. उन्होंने कहा कि पुराने नेताओं के बाद जो नए नेता चुने गए, उन्हें भी निशाना बनाया गया. अब एक नया समूह सामने आया है, जिससे बातचीत हो रही है. जिनसे अब बातचीत चल रही है वो पहले वालों से ज्यादा समझदार है.


अगर पहले वाले ईरानी नेता उनकी बात को मान जाते तो जंग की स्थिति नहीं बनती है. ट्रंप के अनुसार, यह ईरान के शासन में बदलाव जैसा है और नए नेता पहले के नेताओं से अलग हैं.

ईरान नहीं बनाएगा परमाणु हथियार

सीजफायर को लेकर ट्रंप ने कहा कि बातचीत की शुरुआत एक ही शर्त से होती है, ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए. उन्होंने दावा किया कि ईरान ने इस बात पर सहमति जताई है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा. ट्रंप ने साफ कहा कि ईरान ने इसके लिए हामी भरी है.


उन्होंने अमेरिकी अधिकारियों से कहा कि वह अब परमाणु हथियार नहीं बनाएंगे. हालांकि ट्रंप की इस प्रतिक्रिया पर अभी ईरान की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.

बातचीत जारी है, समझौते की उम्मीद

ट्रंप ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और दूसरा पक्ष समझौता करना चाहता है. ट्रंप के मुताबिक, ईरान की एयर डिफेंस प्रणाली और अधिकांश मिसाइलें पहले ही निष्क्रिय हो चुकी हैं. उन्होंने यह भी खुलासा किया कि अमेरिका एक बड़े बिजली उत्पादन संयंत्र को निशाना बनाने की तैयारी में था, लेकिन बातचीत को ध्यान में रखते हुए उस कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया गया. उन्होंने संकेत दिया कि अगर बातचीत सफल रहती है तो हालात और बिगड़ने से बच सकते हैं.

ट्रंप ने सऊदी, UAE और कतर की तारीफ की

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर की तारीफ की है. ट्रंप ने कहा कि इन खाड़ी देशों ने हालात को संभालने में बेहतरीन काम किया है, जबकि वे खुद भी मिसाइल और ड्रोन हमलों का सामना कर रहे हैं. मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के दौरान ईरान ने कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया है, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है. इसके बावजूद ट्रंप का कहना है कि सऊदी अरब, UAE और कतर ने संयम और सहयोग का रुख अपनाया है.

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