मुख्य सैन्य ठिकानों के तबाह होने और असुरक्षित होने की वजह से, हजारों अमेरिकी सैनिक अब पूरे इलाके में बिखर गए हैं. इनमें से कुछ को तो इतनी दूर भेज दिया गया है कि वे अब यूरोप में ठिकाना बनाए हुए हैं, वहीं जो सैनिक अभी भी मिडिल ईस्ट में मौजूद हैं, उन्हें मजबूरन अपने पुराने बेस छोड़कर दूसरी जगहों से काम करना पड़ रहा है.
