मिडिल ईस्ट में चल रहे भीषण जंग के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी धमकी दे दी है. लारीजानी ने कहा कि ट्रंप कुछ ट्वीट से ईरान का युद्ध नहीं जीत सकते, उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी होगी. ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी अली लारीजानी ने X पर एक पोस्ट में कहा कि ट्रंप कहते हैं कि वे जल्द जीत चाहते हैं. हालांकि युद्ध शुरू करना आसान है, लेकिन कुछ ट्वीट से इसे जीता नहीं जा सकता.
लारीजानी ने कहा कि जब तक ट्रंप को इस गंभीर गलती के लिए पछतावा नहीं हो जाता, तब तक हम पीछे नहीं हटेंगे. ट्रंप को इस जंग की बड़ी कीमत चुकानी होगी.
युद्ध का अंत ज्यादा दूर नहीं: ट्रंप
बता दें कि बुधवार को ट्रंप ने दावा करते हुए कहा था कि अमेरिका ने ईरान में इतने बड़े पैमाने पर हमले किए हैं कि अब वहां निशाना बनाने के लिए कुछ भी नहीं बचा है. उन्होंने कहा कि वह जब चाहें युद्ध खत्म कर सकते हैं. अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि ईरान के सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े पैमाने पर हमले किए जा चुके हैं और युद्ध का अंत ज्यादा दूर नहीं है.
सुप्रीम लीडर ने हमलों को जारी रखने का जताया संकल्प
अपने दिवंगत पिता की जगह संभालने के बाद ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई ने पहला बयान जारी कर गुरुवार को कहा कि ईरान अपने खाड़ी अरब के पड़ोसियों पर हमले जारी रखेगा और होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने के रणनीतिक लाभ का इस्तेमाल अमेरिका और इजराइल के खिलाफ दबाव के लिये करेगा. खामेनेई कैमरे के सामने नहीं आए और इजराइली आकलन से पता चलता है कि युद्ध की शुरुआती गोलीबारी में वह घायल हो गए थे.
बदला देने का जताया संकल्प
उन्होंने एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए 165 लोगों समेत युद्ध में मारे गए लोगों का बदला लेने का संकल्प जताया. इस बयान से उस युद्ध को जारी रखने की इच्छा का संकेत मिलता है जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय यात्रा और खाड़ी अरब देशों को प्राप्त सापेक्ष सुरक्षा को बाधित किया है, और जिसने ईरान के नेतृत्व, सैन्य और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम पर भी भारी असर डाला है. युद्ध शुरू होने के बाद से खामेनेई को सार्वजनिक रूप से नहीं देखा गया है.
तेल की कीमतें फिर से बढ़ीं
फारस की खाड़ी में पोत परिवहन और ऊर्जा अवसंरचना पर ईरान के लगातार हमलों के कारण गुरुवार को तेल की कीमतें फिर से 100 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गईं. अमेरिकी और इजराइली हमलों ने इस्लामिक गणराज्य पर कहर बरपाया और युद्ध के अंत के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं. ईरान वैश्विक स्तर पर इतना आर्थिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर रहा है जिससे अमेरिका और इजराइल पर बमबारी रोकने का दबाव पड़े. अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले के साथ युद्ध की शुरुआत की थी.
हमले के खिलाफ सुरक्षा गारंटी
ईरान के राष्ट्रपति ने कहा कि जब तक ईरान को किसी अन्य हमले के खिलाफ सुरक्षा गारंटी नहीं मिल जाती, तब तक उसके हमले जारी रहेंगे, जिससे यह संकेत मिलता है कि युद्धविराम या अमेरिका द्वारा जीत की घोषणा के बावजूद संघर्ष रुकेगा नहीं.इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने काम पूरा करने का वादा किया है, हालांकि उन्होंने दावा किया है कि ईरान लगभग पूरी तरह से नष्ट हो चुका है.
इजराइल पर लगभग 200 रॉकेट दागे
इसी बीच, ईरान समर्थित हिजबुल्लाह आतंकवादियों ने लेबनान से उत्तरी इजराइल पर लगभग 200 रॉकेट दागे, जबकि अन्य क्षेत्रों में सायरन बजने लगे और ईरानी मिसाइलों को रोके जाने से उत्पन्न तेज धमाकों की आवाजें सुनी जा सकती थीं। इजराइल ने तेहरान और लेबनान पर एक बार फिर हमले किये, जिसमें 11 लोग मारे गए.
संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि ईरान में चल रहे युद्ध के कारण लगभग 32 लाख लोग विस्थापित हुए हैं. एजेंसी ने बताया कि इनमें से अधिकांश लोग तेहरान और अन्य प्रमुख शहरों से भागकर देश के उत्तरी भाग या ग्रामीण क्षेत्रों की ओर चले गए हैं. इसमें कहा गया है कि लेबनान में कम से कम 759,000 लोग आंतरिक रूप से विस्थापित हुए हैं.
