
ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार को खत्म हो रहा है. इसके साथ ही यह सवाल उठने लगा है कि क्या अब युद्ध विराम टूटने की घड़ी शुरू हो चुकी है? एक तरफ जहां दूसरे राउंड की शांति वार्ता के आसार नहीं दिख रहे, वहीं दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच जुबानी जंग और जंगी तैयारियां तेज हो गई हैं.
तनाव के बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने होर्मुज स्ट्रेट में पैराग्लाइडर से ईरान का झंडा लहराकर अमेरिकी सेना को चेतावनी दी. ईरान ने साफ कर दिया कि वो होर्मुज पर अपना नियंत्रण नहीं छोड़ेगा और जब तक अमेरिका उसकी शर्तें नहीं मानेगा, तब तक स्ट्रेट नहीं खोलेगा. वहीं, अमेरिका ने होर्मुज और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में एक जहाज को रोका है. अमेरिकी सेना का दावा है कि जहाज बिना अनुमति के गुजर रहा था और उस पर ईरान को मदद भेजी जा रही थी.
‘टुस्का’ जहाज पर नया विवाद
अमेरिका ने ईरान के ‘टुस्का’ कार्गो शिप को पहले ही अपने कब्जे में ले लिया था. अब ट्रंप की करीबी निकी हेली ने दावा किया है कि इस जहाज पर मिसाइल बनाने वाले केमिकल, मेटल, पाइप और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण थे. यह सामान चीन से ईरान भेजा जा रहा था. ईरान ने अमेरिका को जवाब दिया है. ईरान ने कहा कि अमेरिका तुरंत ‘टुस्का’ जहाज को छोड़े और चालक दल को रिहा करे. ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह कोई भी फैसला लेने से पीछे नहीं हटेगा.
चीन और रूस भी मैदान में
इस पूरे मामले में अब चीन और रूस भी कूद पड़े हैं. चीन ने साफ कहा है कि चीनी जहाज को रोकना उसकी संप्रभुता पर हमला होगा. वहीं, रूस ने अमेरिकी नाकाबंदी को गैरकानूनी बताया है और कहा है कि अगर हालात बिगड़े तो बड़ा टकराव हो सकता है.
ट्रंप बार-बार बदल रहे बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहे हैं. कभी वो कहते हैं कि ईरान को तबाह कर देंगे, तो कभी खुद ईरानी नेताओं से मिलने को तैयार हैं. कभी कहते हैं कि होर्मुज से नाकाबंदी नहीं हटेगी, तो कभी उस पर विचार करने की बात कहते हैं. यही उलझन ईरान के अंदर भी है. वहां सेना और IRGC जहां बातचीत के खिलाफ है, वहीं राष्ट्रपति पेजेश्कियान वार्ता के पक्ष में हैं.
पाकिस्तान से बड़ा अपडेट, लेकिन असमंजस बरकरार
बताया जा रहा है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई की मंजूरी के बाद ईरान कल पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता में शामिल हो सकता है. हालांकि, इसकी अभी पूरी पुष्टि नहीं हुई है. पाकिस्तान ने अमेरिका से मुलाकात कर दोनों पक्षों को युद्धविराम आगे बढ़ाने की सलाह दी है, लेकिन ईरानी प्रतिनिधिमंडल के इस्लामाबाद आने पर अब भी सस्पेंस बना हुआ है.
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ब्यूरो रिपोर्ट TV9 भारतवर्ष