Mumtaz On Asha Bhosle: आशा भोसले से अस्पताल में नहीं मिल पाईं मुमताज, बाहर से देखा, 10 मिनट बाद चल बसीं सिंगर

Mumtaz On Asha Bhosle: आशा भोसले से अस्पताल में नहीं मिल पाईं मुमताज, बाहर से देखा, 10 मिनट बाद चल बसीं सिंगर

दिग्गज सिंगर आशा भोसले 12 अप्रैल को 91 साल की उम्र में इस दुनिया को छोड़ गईं. उनके जाने से संगीत जगत सूना हो गया. निधन के बाद कई सितारों ने एक सुर में कहा कि आशा भोसले की कमी कोई पूरी नहीं कर सकेगा. अब दिग्गज अदाकारा मुमताज़ ने आशा भोसले के बारे में बात की है. मुमताज़ और आशा भोसले की अच्छी दोस्ती थी. उन्होंने एक इंटरव्यू में आशा भोसले से अपनी आखिरी मुलाकात की कोशिश के बारे में बताया है.

एक इंटरव्यू में मुमताज ने बताया कि जिस वक्त उन्होंने अस्पताल में आशा भोसले को बाहर से देखा, उसके 10 मिनट बाद ही उनका निधन हो गया था. मुमताज़ ने बताया, “जब मुझे पता चला कि वो एडमिट हैं तो मैं अस्पताल गई थी. मैंने उन्हें बाहर से देखा था, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि आशा जी की हालत गंभीर है और मुझसे कल आने के लिए कहा. जैसे ही मैं बाहर निकली और अपनी कार में बैठी, 5-10 मिनट के अंदर ही मेरे पास एक कॉल आई और मुझे बताया गया कि वो गुज़र गईं.”

“वो बहुत अच्छी दोस्त थीं”

आशा भोसले से अपनी बॉन्डिंग पर मुमताज़ ने बताया, “वो मेरे घर कभी कभी आती थीं. वो बहुत अच्छी दोस्त थीं. उनकी जगह कोई नहीं ले सकता है. आप किसी से तुलना ही नहीं कर सकते हैं.” इस दौरान मुमताज़ ने बताया कि निधन से कुछ दिनों पहले भी उनकी आशा भोसले से बात हुई थी. वो कहती हैं, “निधन से कुछ वक्त पहले आशा जी ने मुझसे कहा था कि मेरा गाना आजा ओ मेरे राजा, जन्नत की सैर, उनके गाए सबसे मुश्किल गानों में से थे.”

आशा और लता में तुलना पर क्या बोलीं?

आशा और लता के बारे में बात करते हुए मुमताज ने कहा, “उन दोनों के बीच कोई तुलना ही नहीं हो सकती है. जो आशा जी गा सकती थीं, वो लता जी नहीं गा सकती थीं, और जो लता जी गा सकती थीं, वो आशा जी नहीं गा सकती थीं. आशा जी चंचल गाने गाया करती थीं, जबकि लता जी शास्त्रीय संगीत में माहिर थीं, आप उनकी तुलना कर ही नहीं सकते हैं.”

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