बिजनौर से लापता, पंजाब से मिलीं… 28 दिन से दोनों लड़कियों को ढूंढ रही थी पुलिस

आखिर कार तेईस दिनों तक रात-दिन कड़ी मेहनत करने के बाद बिजनौर पुलिस ने दो अलग-अलग गांव से लापता हुईं छात्राओं को ढूंढ़ निकाला है. पुलिस ने दोनों को लुधियाना की एक गारमेंट्स फैक्ट्री में काम करते हुए बरामद किया. इंडिपेंडेंट लाइफ जीने के लिए दोनों लुधियाना में ही गारमेंट्स फैक्ट्री के पास कमरा किराये पर लेकर रह रही थीं. बिजनौर के एक स्कूल में पढ़ रही एक छात्रा कक्षा बारह और दूसरी नौवीं की छात्रा है.

दोनों की एक दूसरे से हद से ज्यादा गहरी दोस्ती थी. हालांकि एक छात्रा दूसरी से बड़ी कक्षा में पढती थी लेकिन इसके बावजूद भी दोनों के बीच सामान्य बच्चों से ज्यादा दोस्ती थी. 12वीं की छात्रा जंदरपुर गांव की रहने वाली है और 9वीं की छात्रा झलरी गांव की निवासी है. दोनों के गांवों के बीच करीब 13 किलोमीटर की दूरी है. स्कूल में दोनों एक दूसरे का इंतजार करती थीं. दोनों अपनी क्लास के बच्चों की जगह आपस में साथ-साथ रहती, घूमती और बातें करती थी.

पंद्रह नवंबर को दोनों अपने घर से स्कूल जाने के लिए कह कर अपनी-अपनी साइकिलों से निकलीं, लेकिन स्कूल नहीं गयी. जिस पर स्कूल से साढ़े दस बजे 12वीं की छात्रा के घर फोन किया गया. क्लास टीचर ने परिजनों से अनुपस्थित रहने का कारण पूछा तो छात्रा के परिजन स्कूल पहुंचे. वहां जाकर पता चला कि छात्रा रोजाना की तरह घर से स्कूल के लिए गयी थीं. वहीं दोपहर को छुट्टी होने के बाद जब दूसरी छात्रा भी अपने घर नहीं पहुंची तो उसके पिता स्कूल गए तब उन्हें भी पता चला कि दूसरी छात्रा भी स्कूल नहीं आयी.

अलग-अलग समुदाय से हैं दोनों छात्राएं

बिजनौर कोतवाली थाने में दोनों की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई. शहर के बीचों-बीच स्थित स्कूल से दो अलग-अलग समुदाय की लड़कियों के गायब होने से हड़कंप मच गया. एक छात्रा हिंदू परिवार से वहीं दूसरी मुस्लिम समुदाय से है. हिन्दू वादी संगठन और किसान यूनियन ने भी लडकियों की बरामदगी के लिए धरना प्रर्दशन किया.

30 टीमों ने कड़ी मेहनत से ढूंढ निकाला

बिजनौर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा ने तीस टीमों को गायब छात्राओं की बरामदगी के लिए लगाया था. जिन्होने सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर इनपुट जुटाते हुए पता निकाला कि दोनों ने सबसे पहले अपनी-अपनी साइकिल बेची. फिर ट्रेन में बैठ कर सहारनपुर जा पहुंची. वहां से मुबंई जाने वाली ट्रेन में बैठ गईं. रतलाम होती हुई सूरत में उतर गई थी. रतलाम और सूरत स्टेशनों पर दोनों छात्राएं नजर आईं.

एक-दूसरे से करती हैं प्यार

पुलिस ने इसी आधार पर खोजबीन की और सूरत से अजमेर और लुधियाना तक पहुंच गई. जहां पर दोनों छात्राएं एक गारमेंट फैक्ट्री में नौकरी कर कर रही थीं. जहां दोनों ने पुलिस को बताया कि दोनों एक दूसरे को दिलो जान से ज्यादा प्यार करती हैं. इंडिपेंडेंट लाइफ जीना चाहती है. इसलिए बिजनौर से भाग निकली. दोनों की बरामदगी के बाद दोनों को उनके परिवार वालो को सौंप दिया है.

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