वीकेंड पर पर्यटकों से पैक हुआ मनाली, महाजाम में फंसे लोग, रेंगते नजर आए वाहन

वीकेंड पर पर्यटकों से पैक हुआ मनाली, महाजाम में फंसे लोग, रेंगते नजर आए वाहन

उत्तर भारत के राज्यों में भीषण गर्मी का सितम जारी है. वहीं इससे राहत पाने के लिए लोग पहाड़ों का रुख कर रहे हैं. ऐसे में हिमाचल प्रदेश के मनाली समेत कई इलाकों में भीषण जाम की स्थिति बन गई है. हालत यह है कि पहाड़ों पर वाहन रेंगते नजर आ रहे हैं.

दरअसल मनाली में पर्यटन सीजन के चरम पर पहुंचते ही शनिवार को भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली. वीकेंड पर टूरिस्ट की भीड़ के कारण पलचान से मनाली इलाके तक ट्रैफिक जाम हो गया. यही नहीं चंडीगढ़-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग समेत मनाली शहर, अटल टनल मार्ग, माल रोड, वशिष्ठ, सोलंगनाला और पलचान क्षेत्र में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. कई जगहों पर वाहन घंटों रेंगते नजर आए और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

मनाली शहर में भी भारी भीड़

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक माल रोड और मनाली बस स्टैंड के आसपास भी हालात बेहद खराब रहे. बाजारों में भीड़ और अव्यवस्थित पार्किंग के कारण यातायात बार-बार बाधित होता रहा. पुलिस कर्मियों को ट्रैफिक नियंत्रित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है. वहीं प्रशासन और पुलिस विभाग बार-बार लोगों से सहयोग की अपील कर रहा है. उन्होंने कहा है कि पर्यटक अनावश्यक रूप से निजी वाहनों का उपयोग कम करें और ट्रैफिक नियमों का पालन करें.

हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश का अलर्ट

मौसम की बात करें तो पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और ओलावृष्टि हुई. मौसम विभाग ने रविवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में प्रतिकूल मौसम की चेतावनी जारी की है. शिमला मौसम विभाग ने रविवार को किन्नौर और लाहौल-स्पीति को छोड़कर सभी जिलों में कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि, गरज, बिजली और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. साथ ही, राज्य में 5 जून तक बारिश जारी रहने का अनुमान है.

मौसम विभाग के अनुसार, पांडोह में सबसे अधिक 37.4 मिमी बारिश दर्ज की गई, इसके बाद ऊना (36.2 मिमी), नैना देवी (34.6 मिमी), गुलेर (25.8 मिमी), सुंदरनगर (26.9 मिमी), कांगड़ा (22.1 मिमी), जोत (15.4 मिमी), सराहन (15.3 मिमी) और देहरा गोपीपुर (15.2 मिमी) में बारिश हुई.

शिमला और आसपास के इलाकों में ओलावृष्टि

शुक्रवार शाम को राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में भीषण ओलावृष्टि के साथ भारी बारिश हुई. शहर में 10.8 मिमी बारिश दर्ज की गई. शिमला जिले के चोपाल और कोटखाई में ओलावृष्टि की भी खबर मिली है. मौसम विभाग ने बताया कि शिमला, जुब्बरहट्टी, सुंदरनगर, कांगड़ा, भुंतर, जोत और मुरारी देवी में गरज और बिजली गिरी.

कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान

राज्य में कुकुमसेरी सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अधिकतम तापमान में गिरावट के बावजूद, ऊना दिन के समय सबसे गर्म स्थान रहा, जहां पारा 28.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. राज्य में 1 मार्च से 29 मई तक मानसून से पहले की अवधि में 207 मिमी वर्षा हुई, जबकि सामान्य औसत 238.6 मिमी है, जो सामान्य औसत से 13 प्रतिशत कम है.

मौसम विभाग ने जून से सितंबर तक मानसून के मौसम में हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा का पूर्वानुमान लगाया है. हालांकि, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिलों के कुछ हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा होने की संभावना है. हिमाचल प्रदेश में सामान्य मानसून वर्षा 734.4 मिमी है.

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