पश्चिम बंगाल में चुनावी हार के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और गुटबाजी खुलकर सामने आती दिख रही है. पार्टी की लगातार तीन बैठकों में विधायकों की मौजूदगी घटती गई. नेता प्रतिपक्ष के चयन, कथित फर्जी हस्ताक्षर विवाद, सीआईडी जांच और नेताओं के इस्तीफों ने संगठन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.