थलापति विजय से मिलने का ऐसा जुनून! राजस्थान का फरीद 2400 KM पैदल चलकर जाएगा तमिलनाडु, CM से मुलाकात का है सपना

थलापति विजय से मिलने का ऐसा जुनून! राजस्थान का फरीद 2400 KM पैदल चलकर जाएगा तमिलनाडु, CM से मुलाकात का है सपना

Rajsamand News: राजस्थान के राजसमंद जिले के कांकरोली इलाके से प्रशंसकों की दीवानगी का एक बेहद अनोखा मामला सामने आया है. यहां रहने वाले एक युवक फरीद रंगरेज ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और लोकप्रिय अभिनेता सी. जोसेफ विजय (जिन्हें प्रशंसक प्यार से ‘थलापति विजय’ कहते हैं) से मुलाकात करने का एक बड़ा संकल्प लिया है. अपने इस सपने को पूरा करने के लिए फरीद ने राजस्थान से सीधे तमिलनाडु तक की करीब ढाई हजार किलोमीटर की कठिन पैदल यात्रा शुरू कर दी है, जो इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच भारी चर्चा का विषय बनी हुई है.

इस लंबी यात्रा की शुरुआत राजसमंद के कांकरोली स्थित प्रसिद्ध फव्वारा चौक से हुई. फरीद रंगरेज जब तमिलनाडु के लिए पैदल रवाना होने फव्वारा चौक पहुंचे, तो वहां उनके मित्रों, परिजनों और स्थानीय निवासियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा. लोगों ने माला पहनाकर और मिठाई खिलाकर फरीद का हौसला बढ़ाया. इस अनोखे जुनून को देखने और फरीद की हिम्मत की दाद देने के लिए बड़ी संख्या में राहगीर भी रुक गए. सभी ने उसकी इस लंबी और चुनौतीपूर्ण यात्रा के सफल होने की कामना करते हुए उसे सुरक्षित सफर की शुभकामनाएं दीं.

2 से 3 महीने का वक्त और 2400 किलोमीटर की दूरी

फरीद ने अपनी इस पैदल यात्रा के लिए एक पूरा रोडमैप तैयार किया है, जिसके तहत वे हर दिन एक निश्चित दूरी तय करेंगे. राजसमंद से तमिलनाडु की कुल दूरी लगभग 2400 से 2500 किलोमीटर के बीच है. फरीद का लक्ष्य इस पूरे फासले को पैदल ही नापने का है. फरीद के अनुसार, मौसम और शारीरिक क्षमताओं को ध्यान में रखते हुए उन्हें इस सफर को पूरा करने में करीब दो से तीन महीने का समय लगेगा. वे बिना रुके लगातार आगे बढ़ते रहेंगे ताकि समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच सकें.

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क्यों है थलापति विजय से मिलने का इतना जुनून?

साउथ सिनेमा के सुपरस्टार और हाल ही में तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री पद तक का सफर तय करने वाले थलापति विजय की फैन फॉलोइंग पूरे देश में है. फरीद रंगरेज ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वह सिर्फ एक अभिनेता के तौर पर ही विजय को पसंद नहीं करते, बल्कि तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में उनके द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों और उनकी विशिष्ट कार्यशैली से बेहद प्रभावित हैं.

विजय के इसी नेतृत्व और व्यक्तित्व के कारण फरीद के मन में उनसे व्यक्तिगत रूप से मिलने की तीव्र इच्छा जागी, जिसे पूरा करने के लिए उन्होंने किसी वाहन का सहारा न लेकर पैदल ही तमिलनाडु जाने का कड़ा संकल्प ले लिया.

अब हर कोई फरीद की इस यात्रा पर नजर बनाए हुए है. यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि आने वाले महीनों में फरीद अपनी इस बेहद कठिन और लंबी परीक्षा को सफलतापूर्वक पार कर चेन्नई में अपने पसंदीदा नेता और अभिनेता थलापति विजय से हाथ मिला पाते हैं या नहीं.

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