पश्चिमी चम्पारण में थारू समुदाय का अनोखा पर्व ,48 घंटे का ‘ग्रीन लॉकडाउन’, 400 साल पुरानी परंपरा आज भी जिंदा
बगहा के थारू और आदिवासी समाज का बरना पर्व सिर्फ एक त्योहार नहीं बल्कि यह एक प्रकृति के लिए प्रेम है. जहां इंसान ठहरता है और प्रकृति को जीने का मौका मिलता है.
