IND vs SA: विराट कोहली होते तो जीत जाती टीम इंडिया! साउथ अफ्रीका से हार के बाद सामने आया कड़वा सच

टी20 वर्ल्ड कप 2024 से चला आ रहा टीम इंडिया की जीत का सिलसिला इस बार थम गया. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 राउंड में साउथ अफ्रीका ने भारत को 76 रन से हरा दिया. टीम इंडिया इस वर्ल्ड कप में कोई मैच हारेगी, इसकी आशंका शायद ही किसी ने जताई होगी. उस पर इतनी बुरी तरह हारेगी, ये तो किसी ने भी नहीं सोचा होगा. मगर टीम इंडिया को शिकस्त मिली और इसने एक ऐसी कड़वी सच्चाई से सामना करवा दिया, जो शायद ही किसी ने सोचा होगा. भारतीय टीम में अगर विराट कोहली होते तो उसे जीत मिलने की संभावना रहती. कम से कम इतिहास तो यही कहता है.

अहमबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में 19 नवंबर 2023 के वर्ल्ड कप फाइनल के बाद 22 फरवरी 2026 को एक बार फिर भारतीय क्रिकेट टीम को जोर का झटका लगा. तब टीम इंडिया खिताब जीतने की दावेदार मानी जा रही थी लेकिन इस मैदान पर ऑस्ट्रेलिया ने उसे हराकर खिताब जीता. इसी तरह सुपर-8 के मैच में भी टीम इंडिया का पलड़ा भारी लग रहा था लेकिन साउथ अफ्रीका ने उसे हरा दिया. इस शर्मनाक हार ने भारतीय टीम और इसके फैंस को झकझोर दिया है.

भारतीय टीम की हार के बाद एक ऐसा रिकॉर्ड सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया और सोचने पर भी मजबूर कर दिया कि भारत को विराट कोहली की कमी खली? असल में टी20 वर्ल्ड कप में बड़े स्कोर का पीछा करते हुए भारत का रिकॉर्ड बहुत अच्छा नहीं है. इस टूर्नामेंट के 19 साल के इतिहास में भारतीय टीम ने सिर्फ 3 बार 150 रन से ज्यादा का स्कोर सफलतापूर्वक चेज किया था और तीनों बार विराट कोहली ही जीत के स्टार रहे थे.

सबसे पहले 2014 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को 173 रन का लक्ष्य मिला था, जिसे भारत ने 19.1 ओवर में हासिल किया. कोहली ने नाबाद 72 रन बनाए थे. फिर वर्ल्ड कप 2016 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टीम इंडिया ने 161 रन का लक्ष्य भी 19.1 ओवर में हासिल किया. इस बार भी कोहली ने नाबाद 82 रन बनाए थे. तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप 2022 में पाकिस्तान के खिलाफ भारतीय टीम ने ठीक 20 ओवर में 160 रन का लक्ष्य हासिल किया था. इस मैच में कोहली ने नाबाद 82 रन की यादगार पारी खेली थी. तीनों ही मौकों पर विराट कोहली प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे.

अहमदाबाद ने साउथ अफ्रीका ने 187 रन का स्कोर खड़ा किया था, जो इन तीनों ही मुकाबलों की तुलना में ज्यादा बड़ा स्कोर था. मगर टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर ने सिर्फ अंधाधुंध बड़े शॉट मारने के चक्कर में पावरप्ले में ही 3 और 10वें ओवर तक ही 5 विकेट गंवा दिए थे, जबकि सिर्फ 51 रन बने थे. ऐसे मौके पर अगर कोई बल्लेबाज कोहली की तरह एक तरफ से मोर्चा संभालकर पारी को आगे बढ़ाता तो शायद नतीजा कुछ और हो सकता था. मगर फिलहाल सच्चाई यही है कि कोहली रिटायर हो चुके हैं और उनके अलावा अभी भी ऐसा रनचेज करने वाला कमाल कोई अन्य भारतीय बल्लेबाज नहीं कर सका.

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